देवभूमि का जांबाज रिटायर..देशसेवा के 39 साल, 2019 में मिला था उत्तम युद्ध सेवा मेडल
डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन जैसे पद पर जब इनकी नियुक्ति हुई थी तब अखबार में हेडलाइन छपी थी उत्तराखंड के एक और 'बॉन्ड' को जिम्मेदारी। उनकी सेवानिवृत्त होने के बाद पूरे उत्तराखंड को इनके ऊपर गर्व है-
उत्तराखंड धन्य है। यही वह भूमि है जहां से देश की भारतीय सेना में सबसे अधिक जवानों की हिस्सेदारी दर्ज है। यह राज्य के लिए गर्व की बात है कि हमारे सपूत भारतीय सेना में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कदम- कदम पर वह राज्य का सीना गर्व से चौड़ा करते हैं। उनकी रगों में भारतीय सेना में भर्ती होने का जुनून दौड़ता है। ऐसे ही जाबांज हैं लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट। लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट 30 जून को रिटायर हो गए हैं। जब देश की पश्चिमी या उत्तरी सीमा पर संकट के बादल उमड़ पड़े थे तब राज्य के इसी जाबांज अफसर ने अ...
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