उत्तरांखड: राजधानी देहरादून समेत 3 शहरों में दौड़ेगी नियो मेट्रो, जानिए प्रोजेक्ट की खास बातें

केंद्र सरकार ने 20 लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए नियो मेट्रो प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। प्रोजेक्ट के तहत उत्तराखंड के तीन शहरों में नियो मेट्रो चलाने की तैयारी है।

देश के कम आबादी वाले शहरों में नियो मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी है। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के तीन शहरों के लोग नियो मेट्रो में सफर कर पाएंगे। केंद्र की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए उत्तराखंड ने प्रस्ताव भेजा था। जिसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) भी उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने तैयार कर ली है। अब प्रस्ताव 13 अप्रैल को होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। योजना के तहत देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार के बीच नियो मेट्रो चलाने की तैयारी है। बता दें कि केंद्र सरकार ने 20 लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए नियो मेट्रो प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। जिसकी परिधि में उत्तराखंड में प्रस्तावित मेट्रो परियोजना भी आती है। अब इसी हिसाब से कदम उठाए जा रहे हैं। शुक्रवार को विधानसभा में हुई समीक्षा बैठक में शहरी विकास एवं आवास मंत्री बंशीधर भगत ने यह जानकारी दी। आगे पढ़िए

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कैबिनेट मंत्री ने मेट्रो कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को विभिन्न स्तर पर होने वाली औपचारिकताएं तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। ताकि परियोजना पर इसी साल से काम शुरू हो सके। प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार है, इसे जल्द ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाले बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। बाद में ये डीपीआर केंद्र को भेजी जाएगी। बता दें कि साल 2017 में देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र घोषित किया गया था। इसके बाद यहां मेट्रो चलाने के लिए देहरादून में दो कॉरिडोर में सर्वे किया गया, लेकिन योजना परवान नहीं चढ़ सकी। बाद में यहां रोपवे चलाने पर चर्चा हुई। इस बीच केंद्र सरकार ने छोटे शहरों में मेट्रो नियो चलाने की बात कही है, लिहाजा उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूकेएमआरसी) ने भी इसकी तैयारी कर ली है। बता दें कि देहरादून के अलावा गोरखपुर, प्रयागराज, जम्मू, श्रीनगर, राजकोट, बड़ौदा, कोयंबटूर और भिवाड़ी जैसे शहरों ने भी केंद्र को मेट्रो नियो के प्रस्ताव भेजे हैं। इस मेट्रो की लागत परंपरागत मेट्रो की निर्माण लागत से 40 फीसदी तक कम आती है। साथ ही इसमें स्टेशन के लिए ज्यादा बड़ी जगह की जरूरत भी नहीं पड़ती। यह सड़क के सरफेस या एलिवेटेड कॉरिडोर पर चल सकती है। नियो मेट्रो के हर कोच में 200 से 300 लोग सफर कर सकते हैं।

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