उत्तराखंड: धर्म छिपाकर की लड़की के भाई से दोस्ती, बाद में लड़की को ही छेड़ने लगा नौशाद

नाम और धर्म छिपा कर पहले भाई के साथ दोस्ती की, फिर मौका देख कर उसकी नाबालिग बहन के साथ की छेड़खानी। कोर्ट ने सुनाई 4 साल के कठोर कारावास की सजा।

पिथौरागढ़ से छेड़खानी का ऐसा मामला सामने आया है जिसको सुनकर आप भी चौंक उठेंगे। पिथौरागढ़ में एक युवक ने अपना धर्म और नाम छिपा कर पहले तो दूसरे युवक के साथ दोस्ती की। दोस्ती हो जाने के बाद जब उसको मौका मिला तो उसने मौका पा कर उसकी नाबालिग बहन के साथ छेड़छाड़ भी की। बता दें कि आरोपी युवक ने अपने दोस्त की बहन के साथ तब छेड़छाड़ की जब वह घर में अकेली थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और मामला संज्ञान में आते ही और आरोपी के आरोप सिद्ध हो जाने के बाद विशेष जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने आरोपी को 4 साल के कठोर कारावास के साथ उसके ऊपर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है। केवल इतना ही नहीं बल्कि न्यायालय ने पीड़िता को 7 लाख रूपए प्रतिकर के रूप में देने के आदेश भी दे दिए हैं।

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चलिए आपको पूरे मामले की संक्षिप्त जानकारी देते हैं। आरोपी की पहचान नौशाद के रूप में हुई है जो पिथौरागढ़ में कारपेंटर का काम करता था। वहीं नाबालिग छात्रा का भाई उसके साथ में हेल्पर के तौर पर कार्यरत था। आरोपी नौशाद ने नाबालिक के भाई को अपना नाम आकाश बताया और उसने अपना धर्म भी छुपाया। अपना नाम और धर्म छुपा कर उसने नाबालिक के बड़े भाई के साथ दोस्ती कर ली और अक्सर उसके घर में आने-जाने लगा। इसी के साथ आरोपी, युवक की बहन के ऊपर भी नजर रखने लगा। 31 अगस्त 2019 की शाम जब नाबालिग छात्रा घर में अकेली थी तब आरोपी नौशाद उसके घर में घुसा और छात्रा के साथ छेड़खानी की। नाबालिक की चीख-पुकार सुनकर उसके पिता और चाचा घर पर पहुंचे और आरोपी के चंगुल से नाबालिग छात्र को छुड़ाया गया।

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घटना के बारे यह मामला पुलिस में गया और पीड़िता के पिता की ओर से पिथौरागढ़ कोतवाली में नौशाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो सहित कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना असली नाम बताया और अपना जुर्म कबूला। इसके बाद यह मामला न्यायालय एवं जिला सत्र में पेश किया गया। इस मामले में विशेष जिला सत्र एवं न्यायाधीश डॉ ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने आरोपी नौशाद के ऊपर आईपीसी की धारा 354 के तहत 4 वर्ष के कठोर कारावास के साथ ही 5000 अर्थदंड और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 8 के तहत 4 वर्ष के कठोर कारावास और 5000 अर्थदंड की सजा सुनाई है। विशेष सत्र न्यायाधीश ने पोक्सो अधिनियम के तहत पीड़िता को 7 लाख रुपए देने के आदेश जारी कर दिए हैं।

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