देहरादून DM का सख्त निर्देश, किसी अधिकारी का फोन स्विच ऑफ मिला खैर नहीं

इस जिले के जिलाधिकारी ने दिया आदेश, किसी भी अधिकारी का फोन स्विच ऑफ मिला तो उसकी खैर नहीं, होगी सख्त कार्यवाही

उत्तराखंड में गिनेचुने ही सरकारी अधिकारी ऐसे हैं जिनको वाकई में जनता की चिंता है। अधिकांश अफसरों एवं अधिकारियों को अपनी एशोआराम की ज़िंदगी और तमाम सुविधाएं प्यारी हैं जो सरकार उनको देती है। देवभूमि में कर्मठ और ड्यूटी के प्रति ईमानदार युवा अफसर उंगलियों में गिने जा सकते हैं। मगर एक जिम्मेदार अफसर का काम होता है अन्य सरकारी अधिकारियों से ड्यूटी करवाना। अब चाहे ड्यूटी करवाने के लिए सख्त ही क्यों न बनना पड़े। आज हम आपको उत्तराखंड के एक ऐसे ही जिलाधिकारी के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने यह साबित कर दिया है कि जनता की सेवा ही सरकारी अफसरों एवं अधिकारियों की ड्यूटी है और काम में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। हम बात कर रहे हैं देहरादून के जिलाधिकारी आर राजेश कुमार की। जी हां, देहरादून के जिलाधिकारी राजेश कुमार द्वारा जिले के सभी अफसरों और अधिकारियों के लिए एक आदेश जारी किया गया है।

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जिलाधिकारी राजेश कुमार द्वारा यह आदेश दे दिए गए हैं कि जिस भी अधिकारियों एवं अफसरों ने अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ रखा, उस अफसर के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी। अब इसके पीछे कारण भी जान लीजिए। यह तो सब जानते ही होंगे कि कोविड का प्रभाव अब भी मौजूद है। संक्रमण थमा नहीं है। वहीं पहाड़ों से लेकर मैदानों तक हर जगह बरसात का प्रकोप बरकरार है। जगह-जगह भूस्खलन हो रहे हैं, हादसे हो रहे हैं, लोगों की जान के ऊपर मुसीबत खड़ी हो रखी है। ऐसे में लोगों को तत्काल रूप से सहायता प्रदान करने एवं आपदा से निबटने के लिए सरकारी अफसरों एवं अधिकारियों से संपर्क किया जाना अनिवार्य है। मगर कई सरकारी अफसर ड्यूटी करने से कतराते हैं और आनाकानी करते दिखते हैं। इमरजेंसी के समय जरूरत पड़ने पर कई अफसरों का फोन नहीं लग पाता है। बस, ऐसे ही अफसरों के खिलाफ राजधानी देहरादून के जिलाधिकारी ने कमर कस ली है। देहरादून में ऐसे सरकारी अफसरों की खैर नहीं जो अपना फोन स्विच ऑफ रखेंगे। जिलाधिकारी ने ऐसे अफसरों एवं अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के आदेश जारी कर दिए हैं।

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जिलाधिकारी द्वारा आदेश दिया गया है "कोविड-19 संक्रमण का प्रभाव अभी भी बना हुआ है। वर्तमान में अत्यधिक वर्षात से जगह-जगह जल भराव, भूस्खलन तथा विभिन्न स्थानो पर घटना एवं दुर्घटना घटित हो रही है। ऐसी स्थितियों में प्रभावितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने एवं आवश्यक सेवाओं को सुचारू करने एवं आपदा से निपटने के लिए सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ अन्य विभागीय अधिकारियों से भी सम्पर्कबकिया जाना अपरिहार्य हो जाता है। प्रायः यह देखा गया है कि जब उक्त निमित्त जिलास्तरीय अधिकारियों से दूरभाष पर सम्पर्क स्थापित करने के प्रयास किये जाते है तो अधिकारियों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ पाये जाते हैं, जो कि जन एवं शासकीय हित में कदापि उचित नहीं है। अतः सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वह किसी भी दशा में (आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर) अपना फोन स्विच ऑफ नहीं रखेंगे और यदि इसके बावजूद भी स्विच ऑफ पाया जाता है तो इसके लिए सम्बन्धित अधिकारी के विरूद्ध आपदा प्रबन्धन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत उत्तरदायित्व निर्धारित कर तदनुसार कार्यवाही की जाएगी।

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