गढ़वाल: काटी भी सिर नि झुकि, कन रै होलु स्वाभिमान..पढ़िए योद्धा कफ्फु चौहान की शौर्यगाथा

16वीं सदी के राजा कफ्फू चौहान (Story of Kafu Chauhan Uppugarh) की वीरता के किस्से आज भी लोकगीतों में सुनने को मिलते हैं, वो उप्पुगढ़ पर राज किया करते थे…

उत्तराखंड देवभूमि ही नहीं वीर भूमि भी है। ये 52 गढ़ों का सिरमौर रहा है, जिन्हें मिलाकर बनता था गढ़वाल...समय बदला, रियासतें और सरकार बदल गई, पर इन 52 गढ़ों में से कुछ के निशान आज भी देखे जा सकते हैं। यहां के गढ़ नरेशों की वीरता के किस्से दूर-दूर तक मशहूर हैं। इन्हीं में से एक हैं योद्धा कफ्फू चौहान। (Story of Kafu Chauhan Uppugarh)16वीं सदी में गढ़वाल के 52 गढ़ों में से एक हुआ करता था ...Click Here to Read Full Article

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