उत्तराखंड शहीद सम्मान यात्रा: शहीदों के परिवारों ने किया मिट्टी देने से इनकार, याद दिलाए वादे

पिथौरागढ़ जिले के शहीद बहादुर सिंह रावल (BJP Shaheed Samman Yatra) के परिजनों ने अपने आंगन की मिट्टी देने से इनकार कर दिया.

उत्तराखंड सैन्य बहुल राज्य है. राज्य में डेढ़ लाख से ज्यादा पूर्व सैनिक और सैनिक विधवा हैं. उत्तराखंड के तीन हजार से ज्यादा सैनिक हर साल रिटायर होते हैं. आर्म्ड फोर्सेस (आर्मी, नेवी और एयरफोर्स) में उत्तराखंड से अभी करीब 70 हजार सैनिक हैं. राजनीति के लिहाज से यह संख्या काफी अहम है. पूर्व सैनिकों को बीजेपी का वोट बैंक माना जाता रहा है और चुनाव में राष्ट्रवाद का मसला भी गरमाता है. आपको बता दें की उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर भाजपा (BJP) तैयारियों में जुटी है. राज्य सरकार द्वारा पांचवें सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है जिसके लिए प्रत्येक शहीद परिवार (BJP Shaheed Samman Yatra) से मिट्टी ली जा रही है. उत्तराखंड में सैन्य धाम बनाए जाने को लेकर निकाली गई शहीद सम्मान यात्रा की शुरुआत नैनीताल जिले के बिंदुखता गांव स्थित शहीद मोहन नाथ गोस्वामी के घर शुरू की गई. लेकिन इस दौरान अधिकारियों, विधायक और पूर्व सैनिकों को शहीद मोहन नाथ गोस्वामी के परिवार के लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ी. आगे पढ़िए
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