पहाड़ का प्रकाश: पिता नहीं हैं, मां को कैंसर, खुद देख नहीं सकता..लेकिन गांव में भरा शिक्षा का उजाला
प्रकाश भले ही अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके, लेकिन आज वो गांव के बच्चों की जिंदगी को शिक्षा के उजाले से रौशन करने में जुटे हैं।
कुछ लोग मिसाल बनकर कई जिंदगियों को रौशन कर जाते हैं। चंपावत के रहने वाले प्रकाश भट्ट ऐसी ही शख्सियत हैं। प्रकाश की एक आंख बचपन से ही खराब थी, बाद में दोनों आंखों की रोशनी चली गई। प्रकाश की जिंदगी में कई मुश्किलें आईं, पर उन्होंने विपरित परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी। प्रकाश भले ही अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके, लेकिन आज वो गांव के बच्चों की जिंदगी को शिक्षा के उजाले से रोशन करने में जुटे हैं। चंपावत जिले में एक गांव है अमोड़ी। प्रकाश भट्ट यहीं रहते हैं। वो कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को ह...
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