देवभूमि का लाल पवन, पार्थिव शरीर देख बेसुध मां, बहनों ने अब तक कुछ नहीं खाया !
शहादत कभी बेकार नहीं जाती। शहीद एक ऐसा शब्द ह, जिसे आने वाले कई सालों और कई पी़ढ़ियों तक याद रखा जाता है। उत्तराखंड वीरों की भूमि है। इस भूमि ने ना जाने देश को कितने ऐसे शेर दिए, जो हंसी खुशी मातृभूमि की बलिवेदी पर चढ़ गए। एक और लाल शहीद हुआ है। सुगड़ी गांव का रहने वाला पवन सुगड़ा, जो ना जाने अपने पीछे कितनी यादें छोड़ गया है। परिवार का सबसे छोटा बेटा, मां का दुलारा, बहनों की आंखों का तारा। अभी रक्षाबंधन बीता भी नहीं था। भाई की कलाई से बहनों की राखी उतरी भी नहीं थी और वो छोड़कर चला गया। बहनों ने...
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