रुद्रप्रयाग: गर्व से फूले नहीं समाये फौजी पिता, सेना में लेफ्टिनेंट बना बेटा.. कड़ी मेहनत से पाया मुकाम

लेफ्टिनेंट बनना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है और यह किसी भी युवा के लिए आसान नहीं होता। लेकिन मयंक ने कठिन परिश्रम, अनुशासन, और अडिग संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया।

अगर जुनून सच्चा हो, मार्गदर्शन सही हो और मेहनत निरंतर हो, तो कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। इसी तरह उत्तराखंड के जनपद रुद्रप्रयाग के युवा मयंक वशिष्ठ ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट बनने का सौभाग्य प्राप्त किया है, इस उपलब्धी को प्राप्त कर उन्होंने अपने गांव और क्षेत्र के साथ पूरे जिले का नाम रोशन किया है।Mayank Vashisht of Rudraprayag became Indian Army Officerरुद्रप्रयाग जनपद के मयंक वशिष्ठ अपनी कड़ी मेहनत और लगन से भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं...
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