रुद्रप्रयाग: वीर-भड़ों की थाती रहा ल्वेगढ़ पड़ा वीरान, बूढ़ी मां के शव को नहीं मिले चार कांधे
गढ़वाल के 52 गढ़ों में से एक ल्वेगढ़ में एक 90 वर्षीय वृद्धा सीता देवी का निधन हो गया। पलायन के कारण उनकी मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए गांव में कोई पुरुष मौजूद नहीं था।
वीर-भड़ों की थाती रहा ल्वेगढ़ गांव आज पलायन की दर्दनाक तस्वीर बन गया है। इस गांव का जिक्र आपने नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों में सुना होगा, कभी यहां लोगों की चहल-पहल हुआ करती थी। लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि एक वृद्ध औरत की मौत होने पर शव उठाने के लिए चार कंधे भी जुटाना मुश्किल हो गया है। उनके शव को घाट तक पहुंचाने के लिए अगले दिन पड़ोसी गांव के लोग पहुंचे, तब जाकर अंतिम संस्कार हो पाया।Four shoulders were not found for funeral due to migrationजानकारी के अनुसार रुद्रप्रयाग ज़िले के कांड...
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