उत्तराखंड: हिमालय में फिर मिली दुर्लभ तितली, ग्वालदम में 76 साल बाद दिखी 'रत्ना फ्लैट' बटरफ्लाई

प्रोफेसर दीपक बताते हैं कि प्रसिद्ध पुस्तक ‘Butterflies of Uttarakhand’ के अनुसार 1949 के बाद इस तितली के दिखने का कोई पुष्ट दस्तावेज नहीं है। अब 2025 में इसका दोबारा दिखना प्रदेश की जैव विविधता के इतिहास में मील का पत्थर है।

उत्तराखंड के ग्वालदम की घाटियों में 76 साल बाद ‘रत्ना फ्लैट’ तितली का प्रमाण मिला है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड में इस तितली का अंतिम रिकॉर्ड साल 1949 में है। इस तरह, 2025 में इसका दोबारा दिखना प्रदेश की जैव विविधता के इतिहास में एक मील का पत्थर है।Rare butterfly 'Ratna Flat' found in Uttarakhand after 76 yearsडिग्री कॉलेज कपकोट के सहायक प्रोफेसर दीपक कुमार ने यह खोज की है। वे काफी समय से ग्वालदम के जंगलों में तितलियों और पक्षियों का दस्तावेजीकरण कर रहे हैं। दीपक बताते ह...
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