उत्तराखंड: मकर संक्रांति को लेकर असमंजस, इस साल खिचड़ी परंपरा में बदलाव की चर्चा

मकर संक्रांति 2026 पर एकादशी के कारण खिचड़ी नहीं बनेगी, हालांकि तिल, फलाहार और साबूदाने से व्रत का पालन किया जा सकता है। शुक्र के अस्त होने से शुभ कार्य मकर संक्रांति से शुरू नहीं होंगे और 2 फरवरी 2026 के बाद ही मांगलिक कार्य संभव होंगे।

साल 2026 की शुरुआत में ही पहले बड़े पर्व मकर संक्रांति को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है। इस बार 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन ही षटतिला एकादशी पड़ रही है, जिसके कारण पारंपरिक रूप से बनने वाली खिचड़ी को लेकर संशय उत्पन्न हो गया है। एकादशी तिथि में चावल का सेवन वर्जित होता है, जबकि मकर संक्रांति पर खिचड़ी बनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। ऐसे में श्रद्धालु यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि पर्व खिचड़ी के बिना मनाया जाए या फिर अगले दिन खिचड़ी बनाई जाए।confusion regarding date...
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