उत्तराखंड पेयजल निगम में केंद्र सरकार की योजनाओं की अनदेखी, विदेशी कंपनियों को लाभ देने के आरोप

उत्तराखंड पेयजल निगम के नए SOR में मीटर सेक्शन से जुड़े नियमों में बदलाव को लेकर विवाद। MID प्रमाणपत्र अनिवार्य करने से स्थानीय निर्माताओं को नुकसान और विदेशी कंपनियों को लाभ दिलाने के आरोप।

उत्तराखंड पेयजल निगम एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। निगम पर आरोप लग रहे हैं कि नए SOR (Schedule of Rates) में मीटर सेक्शन से जुड़े नियमों में ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिनसे स्थानीय और भारतीय निर्माताओं को नुकसान और विदेशी कंपनियों को सीधा लाभ मिल रहा है। इस मामले ने अब ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी नीतियों की भावना पर सवाल खड़े कर दिए हैं।SOR Controversy in Uttarakhand Peyjal Nigamसूत्रों के अनुसार, नए SOR में MID (विदेशी मानक) से संबंधित प्रमाणपत्र को जानबूझकर अ...
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