उत्तराखंड: प्राइवेट कॉलेजों में नहीं हो पा रहा शुल्क निर्धारण, 12 अध्यक्ष बदले फिर भी नतीजा सिफर

उत्तराखंड के निजी मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की फीस तय करने वाली प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति के 12 अध्यक्ष बदल चुके हैं, लेकिन अब तक मानकों के अनुरूप शुल्क तय नहीं हो पाया। छात्रों ने मनमानी फीस वसूली के आरोप लगाए हैं। पढ़ें

उत्तराखंड के निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की फीस को लेकर बड़ा प्रशासनिक सवाल खड़ा हो गया है। प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति का गठन तो किया गया, लेकिन नियमानुसार हर तीन साल में फीस रिवाइज करने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी। हैरानी की बात यह है कि समिति के अब तक 12 अध्यक्ष बदल चुके हैं, फिर भी मानकों के अनुरूप शुल्क तय नहीं हो पाया है।Uttarakhand Private Medical & Engineering Fees Under Scannerउत्तराखंड के निजी मेडिकल, इंजीनि...
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