शाबाश भुली: पिता के निधन के बाद बेटी ने संभाला घर, टैक्सी की स्टेयरिंग थामकर बदली किस्मत
पौड़ी जिले की सानिया राणा ने पिता की मृत्यु के बाद हार न मानते हुए टैक्सी चलाकर परिवार की जिम्मेदारी संभाली। उनकी यह कहानी हिम्मत और आत्मनिर्भरता का प्रेरणादायक उदाहरण है।
पौड़ी गढ़वाल जिले के चौबट्टाखाल क्षेत्र के गिंवली गांव की रहने वाली सानिया राणा आज महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन गई हैं। जहां आमतौर पर टैक्सी चालक के पेशे में महिलाओं की संख्या बेहद कम होती है, वहीं सानिया ने इस धारणा को तोड़ते हुए अपनी अलग पहचान बनाई है।Saniya Rana Drives Taxi to Support Family After Father’s Deathसानिया के पिता कमलेश सिंह राणा, जो खुद टैक्सी चालक थे, का इसी वर्ष निधन हो गया। परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन सानिया ने हार नहीं मानी। पिता की तेरहवीं के...
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