गढ़वाल में 100 साल पुरानी गोशाला बनी हाईटेक कॉटेज, सिर्फ 10 घंटे में हुई तैयार

संस्थान के ‘गो-हैंप’ स्टार्टअप ने पौड़ी जनपद में करीब 100 साल पुरानी गोशाला को इस तकनीक से पुनर्निर्मित किया। इसमें पारंपरिक शैली को बरकरार रखते हुए आधुनिक तकनीक का समावेश किया गया।

IIT Roorkee ने पारंपरिक हिमालयी वास्तुकला को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ते हुए एक अनोखी पहल की है। संस्थान ने एक सदी पुरानी क्षतिग्रस्त गोशाला का पुनर्निर्माण कर उसे आधुनिक रूप दिया है।IIT Roorkee Revives Himalayan Architecture with Hempcrete Technologyइस परियोजना में हैंपक्रीट पैनलों का उपयोग किया गया, जो कम लागत, टिकाऊ और भूकंपरोधी माने जाते हैं। खास बात यह है कि इस तकनीक से एक पूरा कॉटेज महज 10 घंटे में तैयार किया जा सकता है। इस तरह के निर्माण को ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे के...
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