Uttarakhand: उत्तराखंड की जमीन उगल रही 224 टन कार्बन डाइऑक्साइड, वैज्ञानिकों की रिसर्च में तबाही का रेड सिग्नल

Uttarakhand News: उत्तराखंड में वैज्ञानिकों की रिसर्च में खुलासा हुआ है कि गर्म जलस्रोत सालाना 224 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित कर रहे हैं। यह संकेत पर्यावरण के लिए खतरे की घंटी है, जिससे जलवायु संतुलन पर गंभीर असर पड़ सकता है।

उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल से सामने आई एक नई वैज्ञानिक रिपोर्ट ने पर्यावरण को लेकर अब तक की सोच को चुनौती दी है। आमतौर पर हिमालय को कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) को सोखने वाला प्राकृतिक क्षेत्र माना जाता है, लेकिन अब यह सामने आया है कि यहां के कुछ हिस्से खुद CO₂ का उत्सर्जन भी कर रहे हैं। यह खोज जलवायु परिवर्तन के अध्ययन में एक नई दिशा जोड़ती है और बताती है कि प्रकृति का संतुलन कितना जटिल है।Uttarakhand Emits 224 Tons of CO₂ Annually, Study Revealsवाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान द्वारा क...
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