उत्तराखंड में यहाँ शांत हुआ था परशुराम का क्रोध, जानिये प्राचीन सौम्यकाशी का इतिहास
उत्तराखंड के इस जिले में भगवान परशुराम की तपस्थली माना जाता है, जहां उन्होंने वरुणावत पर्वत पर तप कर अपने क्रोध को शांत किया। जानिए पूरी पौराणिक कथा और मंदिर का इतिहास।
उत्तराखंड का उत्तरकाशी जिला भगवान परशुराम की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहीं पर उन्होंने अपने क्रोध को शांत करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी कारण इस स्थान को सौम्यकाशी भी कहा जाता है।The Sacred Land Where Lord Parashurama’s Anger Was Calmedभगवान परशुराम को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। कहा जाता है कि माता-पिता के अपमान से क्रोधित होकर उन्होंने पृथ्वी को 21 बार क्षत्रिय विहीन कर दिया। लेकिन इतना सब करने के बाद भी उनका क्रोध शांत नहीं हुआ। ...
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