गढ़वालियों ने निहत्थे सिखों पर हथियार उठाने से किया इनकार, खून बहाने को आतुर निहंगों को ये जरूर जानना चाहिए

आज धर्म के नाम पर सिख निहंग गढ़वालियों का खून बहाने को तैयार हैं, लेकिन गढ़वाली वो कौम है जिसने अंग्रेजों से कठोर सजा पाना स्वीकार किया.. लेकिन निहत्थे सिखों पर हथियार उठाने से इनकार कर दिया था..

जिन्होंने सिखों को बचाने के लिए डाल दिए हथियार, कबूल की सजा... उन्हें ही ये आज हथियार दिखा रहे हैं। ढोंगी धर्मरक्षकों और सोशल मीडिया पर गढ़वालियों को दिन रात गालियाँ बकने में लगे सिखों को ये वाकया याद रखना चाहिए... भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में 23 अप्रैल 1930 एक ऐसी तारीख है जिसे साहस, मानवता और नैतिक मूल्यों की मिसाल के रूप में पूरी दुनिया में आज भी याद किया जाता है।Peshawar Incident 1930: Remembering Veer Chandra Singh Garhwali and Garhwal Riflesउस दिन तत्कालीन ब्रिटिश...
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