उत्तराखंड के जंगलों में 140 साल बाद मिला दुर्लभ औषधीय पौधा, वैज्ञानिक भी हुए हैरान; अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुई खोज
उत्तराखंड के चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने 140 साल बाद दुर्लभ औषधीय पौधा 'स्वर्टिया डाइलेटाटा वैराइटी पिलोसा' खोज निकाला है। वर्ष 1883 के बाद पहली बार इसकी पुष्टि हुई है और यह खोज अंतरराष्ट्रीय जर्नल Oryx में प्रकाशित हुई है।
उत्तराखंड के हिमालयी वनों से वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक खोज सामने आई है। वैज्ञानिकों ने करीब 140 वर्ष पहले दर्ज किए गए दुर्लभ औषधीय पौधे 'स्वर्टिया डाइलेटाटा वैराइटी पिलोसा' (Swertia dilatata var. pilosa) को दोबारा खोज निकाला है। वर्ष 1883 के बाद इस पौधे का कहीं भी प्रमाणित रिकॉर्ड नहीं मिला था, जिससे इसे लगभग विलुप्त माना जाने लगा था।Rare Medicinal Plant Rediscovered in Uttarakhand After 140 Yearsअब चमोली जिले के बदरीनाथ वन प्रभाग के देवाल क्षेत्र में इस ...
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