उत्तरकाशी के नाल्ड गांव की पूनम राणा से सीखिए ज़िंदगी और ज़िंदादिली का मतलब
पहाड़ की इस बेटी ने अपना परिवार खो दिया। परिवार का कोई एक सदस्य भी चला जाए, तो कितनी परेशानी होती है। इस बेटी ने पिता को खोया, मां को खोया, दो भाइयों को खोया लेकिन हौसला नहीं खोया। हार न मानने की जिद ही तो जिंदगी है। 21 साल की पूनम राणा उत्तरकाशी के नाल्ड गांव की रहने वाली हैं। जिंदगी में मुश्किलों के पहाड़ को पार करते हुए इस बेटी ने दुनिया के सबसे ऊंचे शिखर पर तिंरगा लहराया है। वो एवरेस्ट जहां जाना दुनिया के हर पर्वतारोही क...
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