देवभूमि का भागीरथ: हरेंदर पयाल ने वो कर दिखाया, जो सरकारें 71 साल में नहीं कर पाईं
ऐसे हिम्मतवालों के दम पर है उत्तराखंड। जब सिस्टम से आस टूट जाए तो हाथ पर हाथ रखकर चुप नहीं बैठा जाता, काम करमना पड़ता है और अपने काम से सिस्टम को सबक सिखना पड़ता है। पहाड़ के लोग कमजोर नहीं हैं, वो जानते हैं कि कैसे अपनी जिंदगी को सही ढर्रे पर लाना है। ऐसा ही एक नाम है हरेंदर सिंह पयाल। उत्तराखंड के यमकेश्वर प्रखंड के जुलेड़ी ग्राम सभा में स्थित ढोसन गांव के हैं हरेंदर सिंह पयाल। यहां के लोग कभी बूंद बूंद पानी के लिए तरसते थे। आलम ये था कि पानी की भयंकर किल्लत की वजह से लोग महीने में एक बार ही नह...
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