उत्तराखंड के स्विट्जरलैंड में 56 साल बाद लौटी बहार, इस बार टूटे सारे रिकॉर्ड
साल 1962 में चीन-भारत के बीच युद्ध हुआ तो उत्तराखंड की इस जगह को इनर लाइन घोषित कर दिया गया था। प्रतिबंधित जगह होने की वजह से यहां आने जाने के लिए विदेशी सैलानियों को प्रशासन की अनुमति लेनी पड़ती थी। इसके बाद भी सैलानी दिन में यहां घूम सकते थे लेकिन रात तक हर हाल में वापस आना होता था। जून 2017 में गृह मंत्रालय द्वारा इस कस्बे को इनर लाइन से हटाने का ऐलान किया गया। जी हां हम बात कर रहे हैं हर्षिल की। वो खूबसूरत जगह जो सैलानियों के लिए स्विट्जरलैंड से कम नहीं। उत्तरकाशी में बंदरपूंछ पर्वत, सुदर्शन...
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