पहाड़ के इस सरकारी स्कूल के आगे फेल हैं शहरों के प्राइवेट स्कूल, देशभर में तारीफ
"पहले आसन शुद्ध, फिर शिक्षा शुद्ध" ये विचार शायद ऐसी शिक्षा व्यवस्था के लिए भी बने हैं, जहां आने वाले भविष्य को अपना भविष्य तैयार करना है। ये बात भी सच है कि आज सरकारी स्कूलों के हालातों को देखकर रोना आता है। इसी दौर में कुछ ऐसे सरकारी स्कूल भी हैं, जहां शिक्षकों ने अपनी मेहनत के दम पर एक मिसाल खड़ी कर दी है। ऐसे ही पहाड़ में एक ऐसा सरकारी प्राथमिक स्कूल है, जो छात्रों के लिए शिक्षा के स्वर्ग से कम नहीं। ये है राजकीय प्राथमिक विद्यालय धौलछीना, विकासखंड-भैसियाछाना, जिला-अल्मोड़ा। यहां की शिक्षा व्...
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