रक्षाबंधन पर पहाड़ की बेटी को परवेज़ अहमद ने बचाया, भाई बनकर फर्ज निभाया
देशभर में हिंदू और मुस्लिम को लेकर अलग ही बहस चल रही है। लेकिन जब बात एक बेटी की हो, जो इंटेसिव केयर यूनिट में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ हो। तो धर्म और जाति को एक तरफ रखकर उस बेटी को बचाना सबसे पहला काम है। चमोली जिले के गैरसैंण की रहने वाली गीतांजलि के लिए एक एक सेंकड कीमती था। परेशान पिता उस बेटी को श्रीनगर गढ़वाल के बेस अस्पताल ले आए। तीन महीने पहले ही गीतांजलि को पीलिया हो गया था और तबसे लेकर अबतक वो तड़प रही थी। हैरा...
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