उत्तराखंड: बहुओं ने निभाया बेटे का फर्ज..परंपराएं दरकिनार कर सास की अर्थी को दिया कंधा
समाज की बेड़ियों को एक तरफ रख दो बहुओं ने जो काम किया है, वो वास्तव में काबिल-ए-तारीफ है। पढ़िए पूरी खबर
बेटियां हैं तो भविष्य है...अक्सर ये लाइनें हमने लोगों को कहते सुनते देखा है। लेकिन सबसे बड़ी बात है , इस कहावत को सार्थक करना। उत्तराखंड की इन दो बहुओं ने जो किया है, वो यही साबित करता है। आप सभी ने सुना और पढ़ा होगा कि हिंदू धर्म के अनुसार किसी भी अर्थी को सिर्फ पुरुष ही कंधा देते हैं। पूरे देश में इसी परंपरा के तहत हिंदुओं का अंतिम संस्कार होता है। कई बार ये भी सुनने देखने में आता है कि पिता की अर्थी को बेटी ने कंधा दिया। लेकिन उत्तराखंड के ...Click Here to Read Full Article