उत्तराखंड के दो गांवों को मिला था कन्याओं का श्राप, पश्चाताप के लिए आज भी होता है अनोखा युद्ध
जौनसार बावर में दो गांव ऐसे हैं, जिन्हें आज भी दो कन्याओं के श्राप का दंश भुगतना पड़ रहा है। पढ़िए पूरी खबर
उत्तराखंड का जौनसार बावर क्षेत्र समृद्ध लोक परंपराओं के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। Gagli War Tradition of Jaunsar Bawar पिछले दिनों पूरे विश्व में नवरात्र पर्व पर कन्याओं का पूजन किया गया, लेकिन जौनसार बावर के दो गांव ऐसे भी हैं, जिन्हें दो कन्याओं के श्राप का दंश आज तक भुगतना पड़ रहा है। यहां कुरौली और उदपाल्टा गांव में सदियों से पाइंता पर्व के तहत गागली युद्ध की परंपरा निभाई जा रही है। यह पर्व दो कन्याओं के श्राप के पश्चाताप में मनाया जाता है। पाइंता पर्व दो बेटियों की दुखद ...
...Click Here to Read Full Article