गढ़वाल: ग्रामीणों को 10 साल से टूटे पुल बनने का इंतजार, जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे 400 परिवार
पौड़ी गढ़वाल जिले के थलीसैंण क्षेत्र में वर्ष 2016 में टूटा सगुड़ी पुल करीब 10 साल बाद भी नहीं बन पाया है। पुल के अभाव में करीब 400 परिवार प्रभावित हैं और ग्रामीण पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी से बचने के लिए जोखिम उठाकर नदी पार कर रहे हैं।
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में विकास के दावों के बीच ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अब भी चुनौती बनी हुई है। पौड़ी जिले के थलीसैंण क्षेत्र में डोरिया और कैन्यूर गांव के बीच स्थित सगुड़ी पुल इसका उदाहरण है। वर्ष 2016 में टूटा यह पुल करीब एक दशक बाद भी दोबारा नहीं बन पाया है। ऐसे में ग्रामीणों को आज भी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है।10 Years, No Bridge: Villagers Risk Their Lives Crossing the Riverसगुड़ी पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद क्षेत्र के लोगो...
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