उत्तराखंड शहीद दीपक नैनवाल ने कहा था ‘मां मैं ठीक होकर फिर बॉर्डर पर जाऊंगा’
दीपक नैनवाल आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन साहस, शौर्य और वीरता की ऐसी कहानी लिख गए हैं, जिसे हर हिंदुस्तानी युगों युगों तक याद रखेगा। राष्ट्रीय राइफल में तैनात ये जवान आज देशभक्ति का दूसरा नाम है। मूलरूप से गढ़वाल के चमोली जिले के रहने वाले नायक दीपक नैनवाल 40 दिन तक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ते रहे। इलाज के दौरान उन्होंने पुणे के अस्पताल में दम तोड़ दिया। कहा जा रहा है कि उनकी हालत में बीच में सुधार भी हुआ था। इलाज के दौरान द...
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