धिक्कार है ! देवभूमि के सार्वजनिक शौचालय में रोई मां की ममता, तमाशा देखता रहा सिस्टम
ये कहानी उत्तराखंड के एक बेबस बाप, लाचार मां, मरहूम बेटे और बेमौत मारी गई स्वास्थ्य सेवाओं की है। ध्यान से पढ़िएगा...शायद आपकी आंखों से संवरते उत्तराखंड का रुपहला पर्दा उतर जाए। दावे तो ऐसे ऐसे किए जैसे रामराज आ जाएगा। जब उन दावों को ज़मीन पर झांका तो एक मां के आंसू नजर आए। ये हकीकत है उत्तराखंड की...अगर हिम्मत है तो एक बार सोच कर देखिए कि एक मां ने बस अड्डे के सार्वजनिक शौचालय में एक नवजात को जन्म दिया। तीन घंटे बा...
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