उत्तराखंड: यहां फिर मंडराया बड़े भूस्खलन का खतरा! 1880 में गई थी 151 लोगों की जान, नई रिसर्च ने बढ़ाई चिंता

नई रिसर्च में नैनीताल की 24.9% पहाड़ी अत्यधिक भूस्खलन जोखिम वाली मिली है। बलियानाला और शेर-का-डांडा में जमीन की हलचल दर्ज हुई है, जबकि 1880 में भूस्खलन से 151 लोगों की जान गई थी।

जनपद नैनीताल की खूबसूरत झील और पहाड़ देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं, लेकिन अब इसी पहाड़ी शहर की भूगर्भीय स्थिति को लेकर नई चिंता सामने आई है। सितंबर 2026 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, नैनीताल की पहाड़ियों के बड़े हिस्से में भूस्खलन का जोखिम मौजूद है। अध्ययन में 24.9 प्रतिशत क्षेत्र को अत्यधिक और 59.6 प्रतिशत क्षेत्र को मध्यम भूस्खलन जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में आंका गया है।Nainital Faces Rising Landslide Risk, New Study Revealsअध्ययन में वर्ष 2017 से 2024...
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