पहाड़ के इस सरकारी स्कूल के आगे फेल हैं शहर के मॉर्डन स्कूल, एक शिक्षक की मेहनत को सलाम
बजेला गांव के लोग अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजते थे, बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए भास्कर को बहुत संघर्ष करना पड़ा...
पहाड़ में स्कूलों के हाल किसी से छिपे नहीं हैं। कहीं स्कूल भवन नहीं है, तो कहीं भवन तो है, पर शिक्षक नहीं। सच तो ये है कि आज भी ज्यादातर शिक्षक पहाड़ के स्कूलों में टिकने की बजाय मैदान की दौड़ में ज्यादा व्यस्त रहते हैं। ऐसे दौर में भी कुछ शिक्षक हैं जो कि बदहाल शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर को बदलने में जुटे हैं, ये शिक्षक ही पहाड़ के भविष्य की उम्मीद हैं। इन्हीं शिक्षकों में से एक हैं भास्कर जोशी। वही भास्कर जोशी जिन्हें कुछ महीने पहले केंद्र सरकार ने नवाचारी अवॉर्ड से सम्मानित किया था। भास्कर जोश...
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