उत्तराखंड: ग्रेड-पे में कटौती, पुलिसकर्मियों में आक्रोश..काला मास्क पहनकर जताया विरोध

खबर ये भी है कि पुलिस के जवान भले ही सीधे तौर पर अपना विरोध दर्ज नहीं करा रहे, लेकिन उन्होंने ड्यूटी के दौरान काला मास्क पहनकर आक्रोश जताना शुरू कर दिया है।

कोरोना से पूरा प्रदेश जंग लड़ रहा है। ऐसे में पुलिस की जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। पुलिस लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के साथ जरूरतमंदों की मदद कर रही है। उन्हें अनाज से लेकर ऑक्सीजन सिलेंडर तक मुहैया करा रही है। इस नेक काम के लिए पुलिसकर्मियों को इनाम मिलना चाहिए था, लेकिन हुआ इसका उल्टा। पुलिसकर्मियों के ग्रेड-पे में कटौती कर दी गई। जाहिर है इससे पुलिसकर्मियों में आक्रोश पनपेगा और ऐसा हो भी रहा है। खबर तो ये भी है कि पुलिस के जवान भले ही सीधे तौर पर तो अपना विरोध दर्ज नहीं करा रहे, लेकिन उन्होंने ड्यूटी के दौरान काला मास्क पहनकर आक्रोश जताना शुरू कर दिया है। पुलिसकर्मियों ने सामूहिक तौर पर ऐसा नहीं किया, लेकिन कई जगह पुलिस के जवान काला मास्क पहने जरूर नजर आ रहे हैं। पुलिसकर्मियों के ग्रेड-पे और मास्क कनेक्शन को लेकर डीजीपी अशोक कुमार ने भी अपनी बात रखी है। उन्होंने जवानों की मांग को तर्कसंगत बताया। साथ ही ये भी कहा कि काला मास्क पहनने पर किसी तरह की मनाही नहीं है, लेकिन इसका विरोध से किसी तरह का कनेक्शन नहीं है। आगे पढ़िए

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रही बात ग्रेड-पे की तो पुलिस मुख्यालय शासन को इस संबंध में पहले ही प्रस्ताव दे चुका है। उम्मीद है जल्द ही अच्छी खबर मिलेगी। वहीं जवानों का कहना है कि प्रमोशन नहीं होने की सूरत में उन्हें मिलने वाले ग्रेड-पे में सरकार ने भारी कटौती की है, जो कि गलत है। कांस्टेबल को 10 साल की सेवा के बाद हेड कांस्टेबल का ग्रेड-पे दिया जाता है। इसके बाद 20 साल में सब इंस्पेक्टर और 30 साल की सेवा में इंस्पेक्टर का ग्रेड-पे दिया जाता है। जबकि राज्य में सिपाही को 20 साल की सेवा के बाद 4600 नहीं, बल्कि 2800 रुपये का ग्रेड-पे दिया गया। इस तरह सरकार के ताजा आदेश से ग्रेड-पे में 1800 रुपये तक की कटौती हो गई है, जो कि पुलिसकर्मियों के साथ अन्याय है। खबर है कि इसके विरोध में पुलिस के कुछ जवानों ने काला मास्क पहनकर अपनी फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की थी, जिससे अन्य जवानों में भी आक्रोश पनपने लगा। वहीं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि मामला कैबिनेट में विचाराधीन है। इस पर जल्द ही चर्चा होगी। सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी।

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