धन्य है देवभूमि की ये बेटी, शहर छोड़कर गांव से शुरू की ऐतिहासिक मुहिम !
एक कहावत आपने सुनी होगी। मंजिलें हैं तो रास्ते हैं, रास्ते हैं तो हौसला है, हौसला है तो विश्वास है और विश्वास है तो जीत निश्चित है। राज्य समीक्षा के लेखों में हम आपके लिए कई ऐसी कहानियां लेकर आते हैं, जो हर किसी के लिए प्रेरणदायक होती हैं। आज एक कहानी उत्तराखंड की इस बेटी के नाम, जो गांव में रहकर रोजगार के नए तरीकों पर ध्यान दे रही है। जी हां हम बात कर रहे हैं प्रियंका नौटियाल की। आपको जानकर हैरानी होगी कि प्रियंका नौटियाल पूर्व विधायक आशा नौटियाल की बेटी हैं। आप समझ सकते हैं कि प्रियंका के पास ...
...Click Here to Read Full Article