पहाड़ का बेमिसाल किसान..शहर छोड़कर गांव लौटा, एक-एक पौधे से उगाए 15-15 किलो टमाटर
हाथ पर हाथ धरे बैठने से क्या फायदा ? किस्मत को कब तक कोसते रहें? कब तक ये कहते रहें कि ‘पहाड़ में कुछ नहीं हो सकता’? जिन लोगों ने अपनी सोच बदली, वो लोग सफलता की सीढ़ियां चढ़ते रहे। मेहनत इतनी खामोशी से की कि सफलता शोर मचा रही है। ऐसे हैं चमोली जिले के थराली के रहने वाले कलम सिंह रावत। कलम सिंह रावत की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। कलम सिंह रावत आज हर साल लाखों की सब्जियां बाजार में बेच रहे हैं। बचपन में वो घर छोड़कर शहर की...
...Click Here to Read Full Article