पहाड़ का सपूत, दो साल की उम्र में पिता चल बसे, मां के संघर्ष ने बनाया आर्मी अफसर
सिर्फ दो साल की उम्र में जिसके सिर से पिता का साया उठ जाए, जरा सोचिए उस परिवार को जिंदगी भर किन परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। आज हम उस मां को सलाम करना चाहते हैं, जो धूप में तपी, सर्दियों में ठिठुरी लेकिन अपने कलेजे के टुकड़े को कभी भूखा नहीं सोने दिया। हम बात कर रहे हैं उत्तरकाशी के पुरोला के रहने वाले उस परिवार की जिसकी जिंदगी में खुशियां बहुत पहले ही कहीं गुम हो गई थी। रोहित भंडारी IMA से ट्रेनिंग ले रहे हैं और ...
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